चिकित्सा के क्षेत्र में समाज की सेवा करने का पर्याप्त अवसरः श्री तोमर

मानसरोवर ग्लोबल विश्वविद्यालय कन्वेंशन एवं दीक्षांत समाराेह में सम्मिलत हुए विधानसभा अध्यक्ष

भाेपाल [जनकल्याण मेल] मध्यप्रदेश विधानसभा के माननीय अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर गुरूवार को राजधानी के कुशाभाउ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में आयोजित मानसरोवर ग्लोबल विश्वविद्यालय कन्वेंशन एवं दीक्षांत समाराेह में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। श्री तोमर ने इस अवसर पर मानसरोवर डेंटल कॉलेज, मानसरोवर आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं श्री साई इंस्टीट्यूट आफ आयुर्वेदिक रिसर्च एंड मेडिसीन के स्नातक पाठ्यक्रम पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की।

इस अवसर पर आरोग्य भारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ. अशोक वार्ष्णेय, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, मानसरोवर ग्लोबल विश्वविद्यालय के कुलपति श्री गौरव तिवारी, कुलगुरू डॉ. ए.एस.यादव, महाविद्यालय के प्राख्यातागणा, गणमान्य अतिथि एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।

दंत चिकित्सा एवं आयुर्वेद चिकित्सा के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने उपाधि प्राप्त करने वालो विद्यार्थियों को उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामना प्रदान करते हुए कहा कि किसी भी विद्यार्थी एवं संस्थान के जीवन में दीक्षांत समारोह का बहुत महत्व होता है। इसदिन के लिए विश्वविद्यालय परिवार तो प्रतिक्षा करता ही है विद्यार्थी और उनके अभिभावकगण भी इस दिन की प्रतिक्षा करते हैं।  

श्री तोमर ने कहा कि जब किसी शिक्षण संस्थान में आने का अवसर होता है तो अलग प्रकार की अनुभूति होती है। विद्यार्थियों के बीच पहुंचने पर हम सभी को अपना विद्यार्थी जीवन भी याद आता है। जीवन की यात्रा में सभी को बड़ी से बड़ी उपलब्धि हांसिल हो सकती है, लेकिन विद्यार्थी जीवन में जो प्रसन्नता और अनुभव प्राप्त होते हैं वे शेष जीवन में प्राप्त नहीं होते हैं। मानसरोवर समूह शिक्षा के उच्च आदर्श एवं मूल्यों को स्थापित करने की दिशा में जुटा हुआ है।

श्री तोमर ने कहा कि शिक्षा का क्षेत्र बड़ा व्यापक है, इस क्षेत्र में सरकार के प्रयत्न तो है ही लेकिन निजी क्षेत्र एवं स्वयं सेवी संस्थाओं की महत्ता भी शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में आवश्यकता है। सभी संस्थाओं को शिक्षा एवं चिकित्सा के क्षेत्र में जो कमी है उसे दूर करने के लिए समन्वित प्रयास करना चाहिए।

श्री तोमर ने कहा कि चिकित्सा का क्षेत्र अत्यंत संवेदनशील और जनोपयाेगी है। यूं तो आजीविका किसी भी क्षेत्र में कमाई जा सकती है। लेकिन चिकित्सा के क्षेत्र में व्यक्ति अपने व्यक्ति अपने कृतित्व से आजीविका के साथ ही अपनी संवेदनशीलता के आधार समाज की सेवा करके अपना एक विशेष स्थान भी बना सकते हैं।

श्री तोमर ने कहा कि आज जिन विद्यार्थियों को डिग्री मिल रही है वे दंत चिकित्सक और आयुर्वेदाचार्य हो जाएंगे। आज से आप सभी की भूमिका बदल रही है। आपकी भूमिका के प्रति आपकी जवाबदेही निरंतर बनी रहे और आप समाज में चिकित्सक के रूप में सार्थक भूमिका निभाएं एसी आपसे अपेक्षा है।

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