सहायक लोक अभियोजक भर्ती में प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में …
उधर विभाग नई भर्ती की तैयारी में जुटा, इधर उम्रदराज हो रहे अभ्यर्थी
भोपाल। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग, इंदौर द्वारा वर्ष 2021-22 में सहायक लोक अभियोजक के 269 पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी हुए महीनों बीत चुके हैं, लेकिन अब भी दर्जनों पद रिक्त हैं और प्रतीक्षा सूची में शामिल अभ्यर्थियों की नियुक्तियाँ रुकी हुई हैं। इससे चयनित उम्मीदवारों में गहरी नाराजगी है।

आयोग ने इस भर्ती की लिखित परीक्षा का परिणाम 4 जनवरी 2023 को घोषित किया था, जबकि साक्षात्कार 12 मार्च 2024 को संपन्न हुए और अंतिम परिणाम 30 अप्रैल 2024 को आया था।
इस परीक्षा में ओबीसी वर्ग के लिए 69 पद निर्धारित थे, किंतु आयोग ने केवल 36 अभ्यर्थियों को पदस्थापना आदेश जारी किए, जबकि 33 पदों पर नियुक्ति रोक दी गई। कुल 219 अभ्यर्थियों को कॉल लेटर जारी किए गए थे, पर कुछ उम्मीदवारों ने अन्य विभागों में ज्वाइन कर लिया।
आरक्षण विवाद और पद रिक्ति की उलझन :
वर्ष 2021 में आई यह भर्ती 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण विवाद के कारण आंशिक रूप से अटकी रही। इसी कारण ओबीसी वर्ग के 33 पद अब भी रिक्त हैं। इसके अलावा 24 पद महिलाओं के लिए आरक्षित थे, पर केवल 12 पद ही महिलाओं से भरे गए।
सूत्रों के अनुसार … ईडब्ल्यूएस वर्ग के 10 प्रतिशत पद भरे जाने थे, किंतु लगभग 25 प्रतिशत पद इस वर्ग से भर लिए गए बताए जाते हैं। इससे चयन प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रतीक्षा सूची में 50 उम्मीदवार, पर आशा धुंधली :
जानकारी के मुताबिक, ईडब्ल्यूएस वर्ग को हटाकर वर्तमान में वेटिंग सूची में 50 अभ्यर्थी हैं, जिनमें से 9 ओबीसी वर्ग के हैं। इनमें दो अभ्यर्थियों का निधन, एक विकलांगता, और एक उम्मीदवार का बैंक में ज्वाइन होना सामने आया है।
वर्ष 2017 की भर्ती में प्रतीक्षा सूची से तीन दर्जन से अधिक उम्मीदवारों को नियुक्ति दी गई थी, इसलिए इस बार भी अभ्यर्थियों को उम्मीद थी कि रिक्त पदों की पूर्ति प्रतीक्षा सूची से होगी, पर ऐसा होता प्रतीत नहीं हो रहा है। सूत्रों के अनुसार विभाग द्वारा नई भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करने की तैयारी की सूचना से चयनित उम्मीदवारों में भारी निराशा है।
हमने परीक्षा पास की, पर नियुक्ति नहीं मिली :
एक प्रतीक्षा सूची अभ्यर्थी ने बताया कि हमने तीन साल तक मेहनत की, परीक्षा पास की, साक्षात्कार दिया, लेकिन अब भी नियुक्ति नहीं हुई। अगर नए सिरे से भर्ती शुरू की गई, तो यह हमारे साथ सरासर अन्याय होगा। इसी तरह कई अभ्यर्थियों का कहना है कि लगातार देरी के कारण उनकी आयु सीमा अब पार हो रही है, जिससे वे आगामी परीक्षाओं में भी शामिल नहीं हो पाएंगे।
अभ्यर्थियों ने सरकार से लगाई गुहार …
प्रतीक्षा सूची के उम्मीदवारों ने राज्य सरकार और लोक सेवा आयोग से रिक्त पदों की पूर्ति प्रतीक्षा सूची से करने की मांग की है। उनका कहना है कि विभाग में अभी भी दर्जनों पद खाली हैं, जिन्हें प्रतीक्षा सूची के माध्यम से भरा जा सकता है। इससे विभाग को भी प्रशिक्षित अभियोजक मिलेंगे और अभ्यर्थियों को न्याय भी।





