संस्कृति संगठित नारी शक्ति और हरियाली तीज

भोपाल में लोधी लोधा समाज की प्रेरक प्रस्तुति "

भोपाल [जनकल्याण मेल] जब हरियाली का मौसम आता है, तो सिर्फ प्रकृति नहीं, हृदय भी हर हो जाते हैं। इसी हरेपन की आत्मा को जीवंत करती है हरियाली तीज, और इस बार भोपाल में इसका उत्सव केवल पर्व नहीं, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और महिला सशक्तिकरण की झलक बनकर सामने आया। 

भोपाल के एमपी नगर स्थित श्री वाटिका होटल परिसर उस समय उत्साह उमंग और परंपरा से लवरेज हो गया जब अखिल भारतीय लोधी लोधा महासभा महिला प्रकोष्ठ द्वारा हरियाली तीज महोत्सव का आयोजन किया गया। यह अवसर न केवल नारीत्व के सौंदर्य और शक्ति को अभिव्यक्त करने वाला रहा बल्कि समाज की जड़ों से जुड़ने का माध्यम भी बना। 

महिला नेतृत्व ने रचा गरिमा का नया अध्याय 

कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि आयोजन की संपूर्ण रूपरेखा महिलाओं के नेतृत्व में तय की गई ,योजना से लेकर क्रियान्वयन तक। प्रदेश कार्यकारी महिला अध्यक्ष कमलेश हरि सिंह वर्मा ने जिस संयम और आत्मीयता से इसे आगे बढ़ाया, वह समाज के भीतर महिला नेतृत्व की बढ़ती स्वीकारता को दर्शाता है। कार्यक्रम संचालन भी प्रभावशाली रहा जिसे कामिनी डॉक्टर दिलीप सिंह राजपूत ने गरिमा के साथ संभाला।

परंपरा के साथ प्रकृति का सम्मान: 

पौधारोपण से आरंभ कार्यक्रम की शुरुआत …

समाज की रक्षक वीरांगना अवंती बाई लोधी जी की स्मृति में पौधारोपण के साथ हुई। एक ऐसा कदम जो परंपरा को पर्यावरण से जोड़ता है_ उसके पश्चात दीप प्रज्वलन और गणेश वंदना के साथ मंच सांस्कृतिक ऊर्जा से भर उठा।

लोकनृत्य, गीत संगीत और नई पीढ़ी का उत्साह 

महिलाओं बहनोंऔर बालिकाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में लोक नृत्य गीत और तीज से जुड़े गीतों की प्रस्तुतियां दी ।जो न केवल मनोरंजन से भरी थी बल्कि यह साबित करने वाली भी थी की संस्कृति का बीज नई पीढ़ी के मन में अब भी गहरा है।

अतिथियों ने बढ़ाया गौरव ,प्रेरणा से भरा संदेश, 

कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने पहुंची कई विशिष्ट महिलाएं जिसमें महापौर श्रीमती मालती राय जी, श्रीमती अंजलि धर्मेंद्र लोधी जी (राज्य मंत्री ) पार्षद श्रीमती सुकून राजू लोधी जी और कथक गुरु श्रीमती वी अनुराधा जी शामिल रही। सभी ने अपने संबोधन में नारी सशक्तिकरण संस्कृति और समाज की भूमिका पर प्रभावशाली विचार रखें।

एकजुट और ऊर्जा की मिसाल बनी भागीदारी

समाज की विभिन्न महिलाओं ने अपनी उपस्थिति से यह सिद्ध कर दिया कि जब संगठित नारी शक्ति किसी उद्देश्य से जुड़ती है तो सामाजिक बदलाव सुनिश्चित होता है । यह आयोजन साबित करता है की हरियाली तीज अब केवल स्त्रियों का पारंपरिक पर्व नहीं बल्कि नारी अस्मिता समाज की सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरण चेतना का समवेद उत्सव बन चुका है यह दिन महिलाओं की सर्जनात्मकता एक एकता और सामाजिक नेतृत्व क्षमता का प्रमाण बना। उपस्थित बहनों में शामिल रही:_ श्रीमती शिवानी सिंह,ममता चौधरी, यशोदा वर्मा, साधना नरवरिया मधु वर्मा, प्रतिभा वर्मा, आरती पटेल, विभूति राजपूत, शशि सिंह, दीपा लोधी ,सुशीला लोधी, रेनू लिल्हारे ,सीमा लोधी ,मीना राजपूत, आरती प्रेम लोधी,अंजू वर्मा,भारती लोधी,गीता राजपूत, गीता ठाकुर ,ज्योति चंद्रवंशी, पूर्णिमा नागपुर, किरण सिंह, किरण वर्मा ,कोसी लोधी, पिंकी लिल्हारे ,चंद्रेश राजपूत, गीता लोधी, मीरा लोधी, राधा बुंदेला, शिल्पा लोधा ,सुनीता लोधी, सुशीला लोधी,मधु लोधी, मधुबाला राजपूत ,प्रियंका राजपूत, राम सखी लोधी ,रानू लोधी ,रेनू लोधी ,रितु लोधी, सुनीता लोधी, उज्ज्वल लोधी, उर्मिला भदोरिया, लीलावती लोधी, वर्षा लोधी , बीनू वर्मा, सीता लोधी, सविता सिंह, प्रीति लोधी ,संगीता राजपूत, चेतन राजपूत आदि।

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