खनिज विभाग की ये कैसी कार्रवाई दौड़ते रहे अवैध रेत से भरे ट्रैक्टर …
दिखाने के लिए गिट्टी से भरा डंपर पकड़ा

सारणी से गजेन्द्र सोनी
सारणी [जनकल्याण मेल] जिले में धड़ल्ले से अवैध रेत उत्खनन, भंडारण और परिवहन का खेल जारी है। जिले की रेत खदानों का ठेका लेने वाली परम डिस्ट्रीब्यूटर कंपनी के लोग सबसे ज्यादा तवा नदी की खदानों से अवैध उत्खनन, भंडारण और परिवहन कर रहे हैं, ऐसी खबरें लगातार मिली रही है।
इन दिनों बैतूल जिले के खनिज विभाग की अजब-गजब कारवाई सामने आई है। नगर में खनिज विभाग की यहां दूजे भाव वाली कारवाई होने के बाद अब सीधे तौर पर बैतूल कलेक्टर की छवि भी खराब हो रही है। क्योंकि जिले की बंद रेत खदानों से परम डिस्ट्रीब्यूटर कंपनी के लोग धड़ल्ले से प्रतिदिन दिन-रात सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्राली ट्रालियों से अवैध उत्खनन-परिवहन करवा रहे है। ऐसा अवैध कारोबार होने से शासन को प्रतिदिन लाखों-करोड़ों के राजस्व की बड़ी हानि हो रही है। जबकि खनिज के अला-अधिकारी भी रेत के यहां अवैध उत्खनन-परिवहन के कारोबार से भालिभांति परिचय भी है। बावजूद जिले की बंद रेत खदानों से बड़े पैमाने पर रेत कारोबार संचालित हो रहा है। हां, शनिवार को खनिज विभाग ने एक दूजे भाव वाली कारवाई जरूर की है। यहां कारवाई में विभाग के जिम्मेदारों ने एक गिट्टी के ट्रक को पाथाखेडा चौकी में खड़ा कराया गया है। सबसे बड़ा सवाल यहां है कि खैरवानी, छतरपुर, चोपना, शाहपुर समेत दर्जनों बंद रेत खदानों पर दिनदहाड़े रेत का अवैध उत्खनन, भंडारण और परिवहन हो रहा है। इसके अलावा खनिज जांच नाको पर ठेका कंपनी परम डिस्ट्रीब्यूटर के लोग डंके की चोट पर अवैध रूप से 1000 से लेकर 1500 रूपए प्रति ट्रैक्टर-ट्राली की राशिद काट रहे हैं। जांच नाको पर ये अवैध राशिद काटने का काम खुले आसमान के नीचे किया जाता है। जबकि जांच नाको पर बैठे कंपनी के लोगों को सिर्फ अवैध परिवहन पर निगरानी तक का ही पॉवर है। लेकिन खनिज विभाग की मौन स्वीकृति के बाद परम डिस्ट्रीब्यूटर कंपनी के लोग दिन-दहाड़े अवैध रूप से वसूली करने से बाज नही आ रहे है।




