सफलता की कहानी : दीपावली से पहले छोगालाल के घर आई खुशी, प्रशासन ने घर जाकर सौंपा बंटवारा नामांतरण पत्र …
कलेक्टर असावा की संवेदनशीलता से मिली राहत, तीन वर्ष से भटक रहा था परिवादी

[पियूष सोनी, राजस्थान]
राजसमंद, [जनकल्याण मेल] जिला कलेक्टर बालमुकुंद असावा ने संवेदनशीलता दिखाते हुए एक प्रार्थी की बंटवारे संबंधी समस्या को न सिर्फ हल किया, बल्कि तहसीलदार को उसके घर भेज बटवारे का नामांतरण सुपुर्द करवाया। जो व्यक्ति तीन वर्ष से समस्या को लेकर परेशान था उसे राहत मिली। दरअसल कुंवारिया तहसील के भावा ग्राम पंचायत के बागपुरा खाखरमाला निवासी छोगालाल पिता हीरा बागरिया निवासी ने जिला कलक्टर के समक्ष उपस्थित होकर शिकायत दर्ज कराई थी कि कुंवारिया तहसील कार्यालय में उसकी बंटवारा पत्रावली पर कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। 
शिकायत करते हुए उसने बताया था कि वह और उसका भाई कजोड बागरिया द्वारा ग्राम बागपुरा में कृषि भूमि के संबध में बंटवारा हेतु आवेदन किया गया था। पटवारी ने मौका पर्चा देख बंटवारे की फाईल बनाई जिसमें दोनों भाइयों की पूर्ण सहमति थी लेकिन अभी तक बंटवारा नहीं हुआ है और वे तीन वर्षों से चक्कर लगा रहे है लेकिन राहत नहीं मिल रही है। दोनों खातेदारों की पूर्ण सहमति के बावजूद विभाजन की कार्यवाही पूर्ण नहीं होने से भूमि को पृथक पृथक दर्ज नहीं किया जा रहा है।
यह शिकायत जनसुनवाई में प्राप्त होने पर जिला कलेक्टर ने संबंधित तहसीलदार को प्रकरण निस्तारित करते हुए बटवारे का नामांतरण पत्र घर जाकर प्रार्थी को दीपावली से पूर्व ही देने के निर्देश दिए। निर्देशों की अनुपालना में आवश्यक कार्यवाही पूर्ण पर तहसीलदार द्वारा छोगालाल पिता हीरा बागरिया को घर जाकर बटवारा सौंपा गया जिसके बाद उसकी खुशी का ठिकाना न रहा। उसने कहा कि जिला कलेक्टर की संवेदनशीलता से उसके परिवार को राहत मिली है जिसके लिए वह आभारी है।




