अनेक विकासशील योजनाओं को लेकर समाज सेवकों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उठाई आवाज …
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित समस्त जनप्रतिनिधियों से मांगा विकास के लिए सहयोग

अशोकनगर [जनकल्याण मेल] योगेश मिश्रा के साथ सुनील आचार्य ने अशोकनगर जिले के समृद्ध विकास को लेकर शिक्षक दिवस के अवसर पर
प्रेस वार्ता आयोजित कर अनेक बिंदुओं पर महत्वपूर्ण रूप से प्रकाश डाला है । इस क्षेत्र के विकास में विधायक ओर सांसद एवं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से आग्रह किया है कि अशोकनगर जिले में औद्योगिक विकास में सहयोग प्रदान करें ।
वह निम्नानुसार है. 1.चंदेरी के रास्ते पिपरई गांव एवं ललितपुर को जोड़ने वाली 80 किलोमीटर रेल लाइन की मंजूरी अभी तक रेल बोर्ड रेल मंत्रालय द्वारा जारी नहीं की गई है जबकि इसकी सर्वे रिपोर्ट 2011 में बन चुकी है वह 2012-13 के रेल बजट में उल्लिखित होने के बाद मंजूरी के लिए अभी तक लंबित है इस 2011 की सर्वे रिपोर्ट में गलत ट्रैफिक कैलकुलेशन करके इस लाइन को अभी तक लटका कर रखा है इसके बारे में समस्त दस्तावेज जानकारी रेल मंत्रालय को भेजी जा चुकी है परंतु अभी तक मंजूरी नहीं मिली है जिससे अशोकनगर जिले में नई रेल लाइन नहीं डल पा रही है. 2.वर्ष 2023 में ललितपुर, चंदेरी, अशोकनगर रेलवे लाइन के लिए सर्व संपन्न हो चुका है जिसकी कुल अनुमानित लागत 1950 करोड़ रुपए आई है इसकी फाइनल रिपोर्ट एवं डीपीआर रेल बोर्ड द्वारा बनवाई गई है परंतु इस ललितपुर अशोकनगर चंदेरी रेल लाइन की भी मंजूरी अभी तक रेलवे रेल मंत्रालय द्वारा जारी नहीं की गई है इस प्रकार अशोकनगर जिले में दो बार रेल लाइन के सर्वे हो चुके हैं परंतु किसी भी लाइन पर मंजूरी प्रदान ना होना यह गंभीर विषय हो रहा है, क्योंकि रेल लाइन पर मंजूरी न मिलने से क्षेत्र नए आवागमन से नहीं जुड़ पा रहा है रेल सुविधायें जो आवश्यक हैं.
3.मुंगावली अशोकनगर क्षेत्र वासियो को इंदौर दिल्ली जैसे महानगरो के लिए कोई गाडी का संचालन किया जाये,
4. बीना से रात साढे सात बजे के बाद मुंगावली अशोकनगर गुना के लिए सुबह 7 बजे बीना नागदा गाडी है लगभग 12,13 घंटे तक बीना से मुंगावली अशोकनगर गुना आने के लिए कोई साधन नही है. कोराना के समय बंद गाडी संख्या 19809/19810 कोटा जबलपुर गाडी को पुनः चालू किया जाये जो पूर्व मे बीना से रात 11 बजे के लगभग चलती थी कोटा की ओर.
5.बीना गुना गाडी संख्या 06607/08 को पूर्व लाइफलाइन छकडा की तरह चार चक्कर लगाये जाये और बीना नागदा को पूर्व समय अनुसार संचालित किया जाये,
6.इन्दौर से भोपाल, बीना मुंगावली, अशोकनगर, गुना होते हुये वंदे भारत का संचालन किया जाये और एक वंदेभारत इन्दौर से नर्द दिल्लीं वाया गुना दिन में चलाई जावे
7.उक्त क्षेत्र से पढाई व नौकरी हेतू छात्र छात्राओ का बैंगलोर आना जाना होता है वर्तमान मे उक्त संसदीय क्षेत्र से बैंगलोर जाने आने के लिए कोई गाड़ी न होने से परेशानी का सामना करना पडता है इस लिए कोटा से गुना अशोकनगर मुंगावली होते हुए बैंगलोर के लिए गाडी का संचालन किया जाये, स्टेशनो पर यात्रियो को सरकार द्वारा प्रदत्त सभी सुविधाए रेल मांप दंडो के अनुसार मिले, जैसे खाद्य पेय पदार्थ, टिकिट, साफ सफाई, पानी, बैठने के लिए पर्याप्त प्रतीक्षालय मे कुर्सी आदि
8. अशोक नगर जिला औद्योगिक विकास में अत्यंत पिछड़ा हुआ है इसमें हाल ही में ग्वालियर में संपन्न हुई इन्वेस्टर समिट में एक भी रुपए का निवेश नहीं कराया गया है जिससे अशोकनगर जिला औद्योगिक विकास की रफ्तार में शामिल नहीं हो पाया जबकि संसदीय क्षेत्र के गुना एवं शिवपुरी जिलों में 500 करोड़ एवं 3500 करोड रुपए के निवेश कराए गए हैं लेकिन अशोकनगर जिले को इससे वंचित रखा गया है जिससे अशोकनगर जिले में रोजगार उत्पन्न होने की संभावनाएं खत्म हो गई है और जिले का औद्योगिक विकास अवरुद्ध हो गया है जबकि कम से कम 1000 करोड़ के निवेश होने की संभावना ग्वालियर की इन्वेस्टर संमिट में थी, अशोकनगर जिला कृषि प्रधान जिला है एवं इसके निकट बीना रिफायनरी में 49000 करोड रुपए की विस्तार योजना क्रियान्वित हो रही है इस सब को देखते हुए अशोकनगर जिले में औद्योगिक विकास की गति तेज होनी चाहिए और यहां अति शीघ्र युवाओं को रोजगार एवं क्षेत्र की उन्नति के लिए कम से कम 1000 करोड़ के निवेश प्रस्तावों को हरी झंडी मिलनी चाहिए जिससे अशोकनगर जिला औद्योगिक क्रांति में सम्मिलित हो सके
9. अशोकनगर जिला मुख्यालय फोरलेन एक्सप्रेस वे से कनेक्ट नहीं है इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 44 जो ललितपुर उत्तर प्रदेश से गुजरता है वहां से लेकर चंदेरी होते हुए ढाकोनी अशोक नगर के आगे बंगला चौराहे तक फोरलेन मार्ग बनाकर इसे आगे ले जाकर विदिशा एवं भोपाल से जोड़ते हुए बनाया जाना चाहिए जिसकी मंजूरी भारत सरकार भूतल परिवहन मंत्रालय को जारी करना चाहिए क्योंकि यह फोरलेन एक्सप्रेस अशोकनगर जिला मुख्यालय से तो जुडेगा साथ ही यह दिल्ली एवं नागपुर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का वैकल्पिक मार्ग भी बन जाएगा. कारण की जब राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 44 चंदेरी से राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 346 से जुड़ते हुए आगे विदिशा राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 146 से जुड़ेगा तो यह आगे चलकर भोपाल बैतूल से जोड़ता हुआ नागपुर तक जाएगा राजमार्ग क्रमांक 12 एवं 69 द्वारा जिससे एक इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का वैकल्पिक मार्ग बनेगा जो अशोकनगर जिले में औद्योगिक विकास सामाजिक विकास एवं आर्थिक विकास की नई इबारत लिखेगा अतः भूतल परिवहन मंत्रालय भारत सरकार को इस प्रस्तावित फोरलेन एक्सप्रेस पर की मंजूरी अवश्य प्रदान करनी चाहिए ताकि अशोकनगर जिला मुख्यालय फोरलेन एक्सप्रेस वैसे जुड़ जाए
11. चंदेरी के निकट उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश की सीमाओं पर बना राजघाट बांध आज दिनांक तक राष्ट्र की संपत्ति घोषित नहीं हुआ है यानी इसका लोकार्पण आज तक दोनों ही राज्य सरकारों द्वारा नहीं कराया गया है इसके लिए वर्ष 2012 से भारत के महामहिम राष्ट्रपति कार्यालय. प्रधानमंत्री कार्यालय, जल शक्ति मंत्रालय उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय से तथा बेतबा रिवर बोर्ड जो इसका शासी निकाय है से लगातार पत्र व्यवहार हो रहे हैं जिसके परिणाम स्वरुप यह सिद्ध हुआ है कि अभी तक लोकार्पण नहीं हुआ है और दोनों ही राज्यों की सीमाओं पर सौंदरीकरण का संपन्न नहीं होने से राजघाट बांध की स्थिति दयनीय हो रही है जिसके लिए दोनों ही राज्य सरकारों को इस पर तेजी से काम करते हुए लोकार्पण की तिथि एवं अपने-अपने हिस्से में सौंदर्यकरण कराने की कार्रवाई करनी चाहिए.
जिसके लिए बेतबा रिवर बोर्ड द्वारा 50 करोड रुपए की राशि मांगी गई थी जिस पर कुछ राशि जारी की गई है परंतु अभी तक लोकार्पण की तिथि तय न होने से अभी तक राजघाट बांध का लोकार्पण नहीं हो पा रहा है जो की गंभीर स्थिति है क्योंकि इतना विशाल बॉध लावारिस स्थिति में पड़ा हुआ है जिसकी कोई सुध नहीं ले रहा है किसी भी प्रकार की कोई अप्रिय घटना दुर्घटना होने पर कौन जिम्मेदार होगा या बड़ा प्रश्न उपस्थित हो गया है जिस पर तुरंत कार्रवाई दोनों ही राज्य सरकारों को करने चाहिए.





